खुशखबरी, घर खरीदना हुआ सस्ता, GST की दर घटी

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नई दिल्ली. घर खरीदारों के लिए अच्छी खबर है. वस्तु एवं सेवाकर परिषद ने अंडर कंस्ट्रक्शन घरों पर जीएसटी की दर घटाने का फैसला किया है. इसे 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया है. साथ ही किफायती घरों के लिए खास पेशकश की गई है. इसमें टैक्स की दर 1 फीसदी रखी गई है.

यह अलग बात है कि काउंसिल ने स्टील, सीमेंट और पेंट जैसे इनपुट पर टैक्स क्रेडिट के बेनिफिट को वापस ले लिया है. उसका तर्क है कि बिल्डर गेंस को अपनी जेब में डाल रहे हैं. इसका फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया जा रहा है. नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी हो जाएंगी.

अभी किफायती घरों पर 8 फीसदी की दर से टैक्स वसूला जाता है. अंडर-कंस्ट्रक्शन अपार्टमेंट के लिए यह 12 फीसदी है. इस कदम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे सेक्टर में कैश ट्रांजेक्शन और कालेधन पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी.

मेट्रो शहर में 60 वर्ग मीटर (करीब 650 वर्ग फीट) के घर फिफायती श्रेणी में आएंगे. जबकि नॉन-मेट्रो शहरों में यह आकार 90 वर्ग मीटर (970 वर्ग फीट) होगा. शर्त यह है मकान की कीमत 45 लाख रुपये तक हो. इसका मतलब यह हुआ कि 45 लाख रुपये तक के मकान किफायती श्रेणी में आएंगे.

काउंसिल ने रविवार को इन फैसलों को मंजूरी दी. बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया, “जीएसटी काउंसिल ने रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत दी है. इससे ‘सभी को मकान’ की मुहिम को बल मिलेगा. यह नए मध्य वर्ग और मध्य वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करेगा.”

कंस्ट्रक्शन सर्टिफिकेट पा चुके घरों पर जीएसटी नहीं लगता है. घर खरीदारों को रजिस्ट्रेशन के लिए केवल स्टैंड ड्यूटी देनी पड़ती है. जीएसटी काउंसिल के फैसले से उन खरीदारों को फायदा होगा जो कंस्ट्रक्शन-लिंक्ड पेमेंट स्कीम से जुड़े हैं. न कि उन्हें जो पहले ही 95 फीसदी डाउनपेमेंट कर चुके हैं.

नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) के प्रेसिडेंट निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि इस कदम का सकारात्मक असर होगा. घर खरीदारों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है. इससे मांग और आपूर्ति के बीच अंतर में कमी आएगी. हालांकि, सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा इनपुट टैक्स क्रेडिट की वापसी के फैसले से निराश हैं.

फिलहाल टैक्स कंसल्टेंट ने आगाह किया है कि आने वाले कुछ हफ्तों में कीमतों में तेजी देखी जा सकती है. इनपुट टैक्स क्रेडिट के झटके को कवर करने के लिए बिल्डर ऐसा कर सकते हैं.

10 मार्च को फिर काउंसिल की बैठक होनी है. इसमें वह फैसला करेगी कि क्या रिहायशी घरों में छोटे से हिस्से के कॉमर्शियल उपयोग को भी टैक्स बेनिफिट दिया जा सकता है. जिन घरों के एक हिस्से में दुकानें हैं, उनकी इस पर नजर होगी.

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